प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे: PM Modi ने जारी किए डाइगर के आंकड़े, बाघों की संख्या बढ़ी या घाटी जाने पूरी जानकारी

हालही मे नरेंद्र मोदी ने नाइगर की संख्याको लेकर आकडे जारी किए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मैसूर में बाघों के आकड़े जारी किए ओर बताया की भारतमे बाघोंकी संखयामे बढोती हुई है। भारातमे बाघोंकी संख्या 3000 के पार हो गई है। PM Modi ने आकडे जारी करते हुए बताया की यह ये भी बताता है की हमने न सिर्फ बाघों को बचाया है। उससे ऊपर उनके अनुकूल इकोसिस्टम भी प्रदान किया है।

Project Tiger completes 50 years

Tiger State Status in India: आज देश में प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विषय पर मैसूर में तीन दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत की है. पीएम मोदी ने टाइगर सेंसस-2022 के आंकड़े सार्वजनिक किए हैं। इसके अलावा पीएम मोदी के सत्र में मध्य प्रदेश वन विभाग के कर्मचारी भी मौजूद हैं। पीएम मोदी द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में फिलहाल 3,167 बाघ रह रहे हैं।

PM Modi ने जारी किए बाघों के आकड़ें

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश पिछले कई दशकों से देश का टाइगर स्टेट बना हुआ है। मध्यप्रदेश इससे पहले 2010 में यह खिताब जीत चुका है। 2018 में फिर यह उपलब्धि हासिल की थी। उस समय कर्नाटक 2 अंक पीछे था। इलाके के हिसाब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाघों की संख्या का खुलासा किया है. टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती आबादी के कारण नए टाइगर रिजर्व भी स्थापित किए गए हैं और बाघों को विभिन्न अभयारण्यों में स्थानांतरित किया गया है। सबसे हालिया बाघ जनगणना 2018 में आयोजित की गई थी, और परिणाम 2019 में सार्वजनिक किए गए थे। तब, मध्य प्रदेश में 526 और कर्नाटक में 524 बाघों के अस्तित्व की घोषणा की गई थी। आठ साल पहले मध्यप्रदेश को फिर टाइगर स्टेट का दर्जा मिला था।

जानिए क्या बोले PM Modi

प्रोजेक्ट टाइगर की 50 वीं वर्षगांठ एक समारोह मनाई जा रही है जिसे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने मैसूर में लॉन्च किया था। उन्होंने इस दौरान घोषणा की कि “हम सभी एक बेहत महत्वपूर्ण पड़ाव के साक्षी बन रहे हैं, प्रोजेक्ट टाइगर को 50 वर्ष हो गए हैं। भारत ने न सिर्फ टाइगर को बचाया है बल्कि उसे फलने फूलने का एक बेहतरीन ईको सिस्टम दिया है।”

2021 में शुरू हुई थी बाघों की गिनती

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, देश के बाघों की पहली बार नवंबर 2021 में गणना की गई थी। इसका तीसरा चरण अप्रैल 2022 में समाप्त हो गया था। बाघों की गिनती के लिए 30,000 से अधिक कर्मियों को सूचीबद्ध किया गया था। इससे पहले 2018 की जनगणना के दौरान मध्य प्रदेश में 525 बाघ खोजे गए थे। 2018 की जनगणना के दौरान बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 124 बाघों की खोज मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा दिलाने में महत्वपूर्ण थी। लोगों को बता दें कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का एक अनोखा इतिहास है।

जानिए कब शुरू हुआ था प्रोजेक्ट टाइगर

आपको याद दिला दें कि बाघों के संरक्षण का सबसे बड़ा प्रयास पांच दशक पहले 1 अप्रैल, 1973 को शुरू हुआ था और इसे प्रोजेक्ट टाइगर के नाम से जाना जाता था। उस समय से, देश में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भारत में बाघों की संख्या सालाना 6% की दर से बढ़ रही है।

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